हज़रत आदम अलैहिस्सलाम | Hazrat Adam Alaihis Salam in Hindi

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इस पोस्ट में हम हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की ज़िन्दगी के बारे में बात करेंगे ।  

hazrat adam alaihis salam

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम कौन थे 

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम दुनिया के सबसे पहले इंसान और नबी हैं, Hazrat Adam Alaihis Salam का नाम कुरान शरीफ में 45 बार आया है, 

और आप को अबू-अल-बशर ( सभी इंसानो के बाप ) भी कहा जाता है।

पैदाइश 

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश 

अल्लाह पाक ने अलग अलग तरह की मिट्टी को मिला कर हज़रत आदम अले सलाम का पुतला बनाया, और फिर उस में रूह फूंक दी। 

आप अले सलाम बिना माँ बाप के पैदा हुए, और आपकी पैदाइश जुमे के दिन हुई। 

आपकी पैदाइश के बाद अल्लाह ने सभी फ़रिश्तो को आपको सजदा करने को हुक्म दिया और सभी फरिश्तों ने अल्लाह का हुकुम माना, लेकिन इब्लीस ( शैतान ) ने आपको सजदा नही करा। 

जिस की वजह से इब्लीस को दरबारे-इलाही से निकल दिया गया और हज़रत आदम जन्नत में रहने लगे। 

हज़रत हव्वा अलैहिस्सलाम की पैदाइश 

एक दिन सोते वक़्त अल्लाह पाक ने हज़रत आदम अले सलाम की बाई पसली इस तरह निकली की उन को कुछपता नही चला और उस पसली की जगह को गोश्त से भर दिया। 

उस पसली से अल्लाह पाक ने हज़रत हव्वा अले सलाम को पैदा किया। 

जब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम नींद से उठे तो उन्होंने हज़रत हव्वा अलैहिस्सलाम को अपने सरहाने बैठा हुआ पाया। 

फिर अपने सवाल किया की तुम कौन हो, इस पर हज़रत हव्वा ने जवाब दिया में औरत हु, फिर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने सवाल किया तुम क्यों पैदा की गयी, 

इस पर हज़रत हव्वा ने जवाब दिया की ताकि आप मुझ से सुकून हासिल कर सको। 

हज़रत हव्वा दुनिया की सबसे पहली औरत हैं। 

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और हव्वा अलैहिस्सलाम का जमीन में उतारा जाना 

43 साल तक आप दोनों जन्नत में साथ में रहे, लेकिन एक दिन शैतान के बहकावे में आकर अल्लाह पाक ने जो फल खाने से मना करा था वो फल खा लिया। 

जिस वजह से आप दोनों को जमीन में फेक दिया गया। 

हज़रत क़तादह रज़िअल्लाहू अन्हूँ और इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहू अन्हूँ के मुताबिक़, आदम अलैहिस्सलाम को सबसे पहले “हिन्द” की ज़मीन में उतारा गया था ।

हज़रत अली रज़िअल्लाहू अन्हूं बताते ते हैं कि- आबो हवा के ऐतबार से बेहतरीन जगह “हिन्द” है इसलिए आदम अलैहिस्सलाम को वहीं उतारा गया।

हज़रत इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहू अन्हूँ के मुताबिक़ हज़रत हव्वा अलैहिस्सलाम को “जेद्दाह” अरब में उतारा गया। जिस मैदान में हव्वा अलैहिस्सलाम आदम अलैहिस्सलाम से मिलने के लिए आगे बढ़ीं उसे मैदाने “मुज़दलफ़ाह” का नाम दिया गया और जिस जगह पर आदम अलैहिस्सलाम और हव्वा अलैहिस्सलाम ने एक दूसरे को पहचाना उसे “अराफ़ात” का नाम दिया गया।

हाबील और काबील 

आप अलैहिस्सलाम की औलाद में हाबील और काबील भी थे। 

हज़रत हाबील नेक इंसान थे, किसी बात पर काबील अपने भाई हाबील से हसद करने लगा और एक रोज़ मौका पाकर अपने भाई का कतल कर दिया। 

यह ज़मीन पर पहला कतल और पहली मौत थी, इसके बाद काबील अपने भाई की लाश को कंधें में लेकर फिरता रहा। 

फिर अल्लाह पाक ने दो कौवों को भेजा जिसने से एक ने दूसरे को कतल कर दिया और अपनी चोंच से कबर त्यार करी और और मरे हुए कौवो को दफना दिया। 

फिर काबील ने भी इसी तरह कबर त्यार करके हाबील को दफना दिया। 

काबील को कतल करने का तरीका पता नहीं था शैतान ने परिंदे की शकल में आकर एक दूसरे परिंदे को मरकर काबील को ये तरीका सिखाया था। 

काबील बहुत खूबसूरत था लेकिन कतल करने के बाद वो बदसूरत हो गया। 

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम काबील पर बहुत ज़्यादा नाराज़ हुए।

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का इंतकाल 

1000  साल की उम्र में हज़रत आदम अलैहिस्सलामअलैहिस्सलाम का इंतकाल हुआ, अपने अल्लाह पाक के हुकुम से बैतुल्लाह शरीफ की तामीर की और हज किया। 

आप के बाद हज़रत शेष अलैहिस्सलाम को नबी बनाया गया। 

एक रवायत के मुताबिक हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की कबर बैतुल्लाह शरीफ के पास हतीम में है। 


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