सोने की दुआ और सोने का सुन्नत तरीका

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सोने की दुआ

सोने से पहले की दुआ

अल्लाहुम्मा बिस्मिका अमूतु व अहया । 

तर्जुमा – मैं अल्लाह के नाम से मरता और जीता हूँ । 

सो कर उठने के बाद की दुआ 

अल्हम्दुलिल लाहिल लज़ी अहयाना बादमा अमातना व इलैहिन नुशूर । 

तर्जुमा – तमाम तारीफें उस अल्लाह के लिए हैं जिस ने हमें मौत देने के बाद ज़िन्दगी दी और उसी की तरफ हमें लौट कर जाना है। 

सोने का सुन्नत तरीका 

  1. ईशा की नमाज़ के बाद सो जाना चाहिए, लेकिन वाज़, नसीहत, इबादत या रोज़ी जैसी ज़रूरतो के लिए जग सकते है। 
  2. वज़ू के साथ सोये 
  3. सोने से पहले तीन बार बिस्तर को झाड़ लें। 
  4. दोनों आँखों में तीन तीन बार सुरमा लगाना .
  5. सोने से पहले तस्बीह फातिमा, चारो कुल, सूरह मुल्क, सूरह अलम सज्दः पढना। 
  6. दाहिनी करवट लेट कर दाएं हाथ रुखसार के पीछे रख कर क़िबला रु सोना। 
  7. सोते वक़्त सोने की दुआ और तीन बार अस्तगफार पड़ना 
  8. सोने से पहले दरवाज़ा बंद करना, चिराग बुझा देना और बर्तन ढँक देना। 

साइंस ने भी माना है की सोने का तरीका जो सुन्नत में बताया गया है उससे जिस्म को भी फायदा होता है, अल्लाह आपको और हमको सुन्नत के तरीके से सोने और दुआ पड़ने की तौफ़ीक़ अता फरमाए – आमीन। 


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